कोई भी काम बिना प्लानिंग के जब किया जाता है तो उसमें सफलता पाने की गुंजाइश बेहद कम होती है. अब क्योंकि उसकी कोई योजना नहीं बनायी गई है तो उसका कोई लक्ष्य भी नहीं होगा. लेकिन स्टार्ट-अप बिज़नेस में बिना योजना के काम नहीं किया जा सकता है. अगर बिना योजना के किसी बिज़नेस की शुरुआत की जाती है तो निश्चित ही वह ज्यादा दूर तक नहीं पहुंच पाएगा, क्योंकि बिज़नेस अपने भविष्य के लक्ष्यों को नहीं जानता है. इसलिए हर स्टार्ट-अप बिज़नेस (Startup Plan for New Business) के लिए एक सफल योजना का होना बेहद जरूरी होता है.

एक सफल योजना ही आपके स्टार्ट-अप बिज़नेस को बाजार में स्थापित करने के साथ ही एक ब्रांड बनाने का काम भी करती है. इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि स्टार्ट-अप बिज़नेस के लिए स्ट्रैटेजिक प्लानिंग की जरूरत क्यों होती है और किस तरह से बिज़नेस के लिए सफल योजना का निर्माण किया जाता है?

क्यों होती है स्ट्रैटेजिक्ली प्लानिंग की जरूरत (Why Your Start-up Need Strategically Planning)

बिज़नेस की शुरुआत से पहले आपको कुछ सवालों के जवाब जानने बेहद जरूरी होते हैं. अगर आप इन सवालों का जवाब नहीं पा सकते हैं तो यकीन मानिए आपका स्टार्ट-अप बिज़नेस मनमाना परिणाम नहीं पाएगा. चलिए उन सवालों की बात करते हैं, जिन्हें आपको जानने चाहिए.

  • आप किस तरह के िज़नेस की शुरुआत करना चाहते हैं?
  • आपका टार्गेट कस्टमर कौन होगा?
  • आपका प्रोडक्ट या सर्विस किस तरह से कस्टमर की परेशानियों को दूर करेगा या कस्टमर को किस तरह से लाभ देगा?
  • बाजार में आपका कॉम्पेटीटर कौन है यानि किस से आपकी प्रतिस्पर्धा होगी?
  • आपके बिज़नेस के भविष्य का लक्ष्य क्या है?
  • आप आने आले पांच सालों में अपने बिज़नेस को कितना ग्रोथ दिलाना चाहते हैं?

स्टार्ट-अप बिज़नेस की शुरुआत से पहले इन सवालों का जवाब जान लेना सबसे जरूरी काम होता है. इन सवालों के जवाबों को ही अध्ययन या फिर रिसर्च का नाम दिया जाता है. इन सवालों के जवाबों के आधार पर ही आप अपने बिज़नेस की योजना का निर्माण करते हैं. अगर आप इस रिसर्च को तैयार किए बिना ही बिज़नेस शुरु करते हैं तो आपका स्टार्ट-अप बिज़नेस उन हजारों बिज़नेस में शामिल हो सकता है, जो शुरू होते हैं लेकिन अचानक ही बंद भी हो जाते हैं.

ऐसे बहुत बिज़नेस हैं, जो शुरू किए जाते हैं लेकिन बाजार की ज्यादा समझ नहीं होने के कारण बुरी तरह फेल हो जाते हैं. आपका बिज़नेस उस लिस्ट में शुमार न हो इसके लिए आपको एक स्ट्रैटेजिक्ली प्लानिंग की आवश्यकता होती है. यहां देखें वीडियो:

बिज़नेस की योजना जाने बगैर आप कहीं से भी फंड नहीं जुटा सकते हैं. अगर आपको स्टार्ट-अप बिज़नेस के लिए फंड की आवश्यकता है, आप फंड रेजिंग कंपनी या फिर बैंक की मदद से फंड जुटा सकते हैं. लेकिन दोनों ही स्थितियों में आपको अपने बिज़नेस की योजना को दोनों संगठनों के सामने दिखाने की जरूरत होती है. इसलिए भी बिज़नेस प्लानिंग सबसे जरूरी होती है.

बिज़नेस प्लानिंग को तैयार करने के लिए अगर आप चाहे तो किसी बिज़नेस ट्रेनर या फिर बिज़नेस कोच की मदद भी ले सकते हैं. भारत में बहुत से बिज़नेस ट्रेनिंग कंपनियाँ (Business Training Companies in India) हैं, जो बिज़नेस ट्रेनिंग देने का काम करती हैं.

अब बात करते हैं कि कैसे स्टार्ट-अप बिज़नेस के लिए प्लानिंग की जाती है.

बिज़नेस का लक्ष्य निर्धारित करें (Define Your Start Up Business Goal)

लक्ष्य चाहे जीवन का हो या फिर बिज़नेस का, दोनों ही स्थितियों में लक्ष्य में पारदर्शिता का होना बेहद जरूरी है. स्टार्ट-अप बिज़नेस के लिए भी बिज़नेस का एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा. आप चाहे तो इस योजना को दो हिस्सों में भी बांट सकते हैं. पहले हिस्से में आप 6 महीने का टार्गेट रख सकते हैं और दूसरे हिस्से में 12 महीने. इस अवधि को आप अपनी योजना अनुसार बढ़ा या घटा सकते हैं. निर्धारित किए गए समय के अंदर ही आपको बिज़नेस गोल को हासिल करना होगा. लक्ष्य में कम या ज्यादा की प्राप्ति होना बेहतर होता है, लेकिन कोई लक्ष्य न होना सही नहीं है. इसलिए लक्ष्य का निर्धारण जरूर किया जाना चाहिए.

कस्टमर को समझें (Understand Your Customer)

आप हर किसी की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकते हैं. लेकिन आपको उन लोगों की पहचान करनी होगी, जो आपके बिज़नेस में आपका टार्गेट ऑडियंस हैं. स्टार्ट-अप बिज़नेस में टार्गेट ऑडियंस बेहद अहम किरदार अदा करती है. आपको अपनी टार्गेट ऑडियंस की उम्र, एरिया और जेंडर के आधार पर उन्हें समझना होगा. उनके लिए हर पक्ष को आसान बनाना होगा और ऐसा आप तभी कर सकते हैं, जब आप उन्हें समझते होंगे और उन्हें पहचानते होंगे. यहाँ सबसे महत्वपूर्ण है कि आप कस्टमर की पहचान करें और उन्हें समझें. यह आपकी बिज़नेस की महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है.

कॉम्पेटीटर को पहचानें और उससे सीखें (Learn From Your Business Competitor)

अपने कस्टमर के साथ ही आपको अपने बिज़नेस कॉम्पेटीटर की भी पहचान करनी होगा. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भी आप बिज़नेस में नुकसान पा सकते हैं. आपके लिए बाजार में किस तरह का कॉम्पीटीशन है, आपका कॉम्पेटीटर कौन हैं, बिज़नेस में किन रणनीतियों को आपका कॉम्पेटीटर उपयोग करता है, आपकी कौन सी रणनीतियाँ आपके कॉम्पेटीटर को पस्त कर सकती हैं? इस सभी सवालों के जवाब की तलाश आपको करनी होगी. इसके लिए आपको कॉम्पेटीटर पर अच्छी रिसर्च करनी होगी, जिसकी मदद से आप बाजार में अपने प्रोडक्ट या सर्विस को स्थापित कर पाएंगे और अपने कॉम्पेटीटर को अच्छी टक्कर दे पाएंगे.

अगर स्टार्ट-अप बिज़नेस को सफलता दिलानी है तो आपको इसी तरह की प्लानिंग का निर्माण करना होगा. दिए गए टिप्स के आधार पर आप एक बेहतर बिज़नेस प्लानिंग तैयार कर सकते हैं. अगर आप हाल-फिलहाल भी बिज़नेस करते हैं और किन्हीं परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो आपको बिज़नेस की समस्याओं के समाधान के लिए Problem Solving Course को जरूर अपनाना चाहिए.