पहले के समय में बिज़नेस के लिए कुछ ही शब्द थे जैसे बिज़नेस, स्टार्टअप्स आदि, लेकिन आज इसको लेकर कई सारे नए-नए शब्द सामने आ रहे हैं जैसे एंटरप्रेन्योर, वुमनप्रेन्योर, ये सभी शब्द अपने आप में एक गहरा और अलग महत्व रखते हैं। हम एंटरप्रेन्योर और वुमनप्रेन्योर के बारे में पहले भी बात कर चुके हैं।

इन शब्दों के अलावा एक और शब्द है, जो आजकल सुनने को मिलता है और वो शब्द है सोलोप्रेन्योर।

आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे सोलोप्रेन्योर की और जानेंगे कि सोलोप्रेन्योर क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है –

सोलोप्रेन्योर

जो अपने बिज़नेस को अकेले आर्गनाइज, मैनेज करता है और सारी रिस्क भी उठाता है, उसे सोलोप्रेन्योर (Solopreneur) कहा जाता है। सरल शब्दों में, सोलोप्रेन्योर (Solopreneur) का मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है जिसके बिज़नेस में कोई भागीदार नहीं होता और वह अपने बिज़नेस की सफलता या विफलता के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होता है।

सोलोप्रेन्योर अकेले ही अपना बिज़नेस शुरू करके अकेले ही उसे संभालता है। जहाँ एंटरप्रेन्योर अपने नए आईडिया पर काम करके बिज़नेस शुरू करता है और अपने साथ नए लोगों को जोड़कर अपनी एक टीम बनाता है, वहीं सोलोप्रेन्योर अपना बिज़नेस शुरू करके खुद ही सारे काम करता है, चाहे वो एडमिन हो, फाइनेंस हो या ऑपरेशन्स, सोलोप्रेन्योर ही अपने लीडस् जनरेट करता है और वही क्लाइंट्स से बात करके डील करता है। इन सबके बाद बिज़नेस में फायदा हो या नुकसान, सभी के लिए सोलोप्रेन्योर ही जिम्मेदार होता है। सोलोप्रेन्योर अधिकतर सर्विस बेस्ड बिज़नेस जैसे फ्रीलांसिंग, कन्सल्टिंग आदि काम करता है, जिसमें उसे किसी और को हायर करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

सोलोप्रेन्योर के प्रकार

सोलोप्रेन्योर के ये कुछ प्रकार मुख्य हैं –

  1. फ्रीलांसर :

    एक फ्रीलांसर वह इंसान होता है, जो अपनी सर्विसेस प्रदान करता है। इसके लिए वह या तो Per Hour या प्रोजेक्ट के हिसाब से चार्ज  करता है। इसके लिए फ्रीलांसर प्रपोजल के रिप्लाई में अपना एक्सपीरियंस, अपने काम के सैंपल आदि देकर फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट लेते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वे एक साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकते हैं।

  2. मेकर :

    जब भी कोई व्यक्ति कोई प्रोडक्ट बनाता है, तो वह मेकर कहलाता है, यह प्रोडक्ट किसी भी प्रकार का हो सकता है। इसके लिए वे अपनी एक वेबसाइट बनाकर उस पर अपने प्रोडक्ट को पोस्ट करता है। जैसे आज इमेजेस के लिए कई सारी वेबसाइट हैं, वहां पर कुछ इमेजेस तो फ्री होती हैं, लेकिन अधिकतर इमेजेस यूज़ करने करने के लिए हमें कुछ चार्ज देना होता है।

  3. थॉट लीडर :

    थॉट लीडर वह इंसान होता है, जो किसी न किसी चीज़ का एक्सपर्ट होता है और अपने एक्सपीरियंस के आधार पर उस चीज़ में लोगों की हेल्प करता है। ऐसे इंसान अपनी बुक्स, स्पीचेस, कोर्सेस और प्रोग्राम के द्वारा लोगों को कुछ ना कुछ सीखाते हैं। उदाहरण के लिए लोगों को बिज़नेस के बारे में सीखाने और बिज़नेस से रिलेटेड सवालों के जवाब देने के लिए डॉ. विवेक बिंद्रा एक बड़ा नाम है।

  4. एजेंट :

    एक एजेंट वह होता है, जो दूसरे लोगों के लिए खुद खरीदता या बेचता है। एक आम उदाहरण टिकट या ट्रेवल एजेंट होता है, जो लोगों से पैसे लेकर या तो उनके लिए टिकट बुक करता है या फिर उनकी ट्रेवल रिलेटेड प्लानिंग करता है। इंश्योरेंस एजेंट, एफिलिएट मार्केटर्स, स्टॉक ब्रोकर ऐसे ही कुछ लोग होते हैं।

सोलोप्रेन्योर के रूप में काम करने के लिए ऐसे कई सारे प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं, जिन्हें जॉइन करके हम अपने एक्सपीरियंस, स्किल्स और अपनी सुविधा के हिसाब से प्रोजेक्ट पर काम करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।


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