इस दुनिया में हर चीज़ का आधार कहीं ना कहीं महिलाओं से जुड़ा हुआ है। यदि किसी घर में महिला ना हो तो कहा जाता है यह घर घर ही नहीं है। महिलाओं के होने से ही समाज का अस्तित्व स्थित है। हमेशा कहा जाता है कि किसी पुरुष की कमायाबी के पीछे हमेशा एक महिला का हाथ होता है। एक महिला एक साथ कई रूपों में समाज के समक्ष खड़ी रहती है। फिर वो रुप चाहे मां, बहन, पत्नी, बेटी, दोस्त किसी भी रूप में हो सकता है।

महिलाओं को भारतवर्ष सहित कई देशो में देवी का भी दर्जा दिया गया है। उन्हें पुरुषों से ज्यादा महत्व दिया जाता है। महिलाओं के कर्तव्य, उनकी निष्ठा, प्रेम एवं लगन को देखते हुए प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करना है। आज भी समाज में कई जगहों पर महिलाओं को कमज़ोर एवं हीन समझा जाता है। उस समाज को जागृत करने के उद्देश्य से इस दिवस को मनाया जाता है। आइए जानते हैं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरूआत कहां से हुई एवं इस दिवस का आयोजन क्यों किया जाता है।

कब से हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

महिला दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1908 में महिला मजदूर आंदोलन से हुई थी। जो अमरीका के न्यूयॉर्क शहर में हुआ था। तकरीबन 15 हज़ार महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया था और बराबरी के अधिकार की मांग की थी। जिसमें काम करने के समय को कम करवाने, अच्छी तनख़्वाह और वोटिंग के अधिकार के मुद्दे खास थे। लगभग एक साल बाद, अमरीका की सोशलिस्ट पार्टी ने पहले राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद महिला दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का विचार एक महिला क्लारा ज़ेटकिन ने दिया था। क्लारा उस वक़्त कोपेनहेगेन में कामकाजी महिलाओं की अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में शिरकत कर रही थीं। कांफ्रेंस में उस समय  लगभग 100 महिलाएं मौजूद थीं, जो 17 देशों से आई थीं। इन सभी महिलाओं ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को मंज़ूर किया। पहला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटज़रलैंड में मनाया गया था। लेकिन इसे औपचारिक मान्यता साल 1975 में उस समय मिली थी जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे मनाना शुरू किया था।

साल 2021 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम

साल 2021 में अतरराष्ट्रीय थीम 'Women in leadership: an equal future in a COVID-19 world' ("महिला नेतृत्व: COVID-19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना") रखी गई है। यह थीम COVID-19 महामारी के दौरान दुनिया भर में लड़कियों और महिलाओं के योगदान को समर्पित करती है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य

“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” मनाने का उद्देश्य महिलाओं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं ये बताना है। साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी करना है। स्वास्थ्य, सुरक्षा, नौकरी, पद्दोन्नति किसी भी मामले में महिला हैं ये सोचकर उन्हें पीछे रखने वालों को जगाना है।

महिला दिवस पर होने वाले कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च दुनियाभर में मनाया जाता है। जिसमें महिलाओं के विकास, सम्मान और अधिकारों के बारे में बात की जाती है और स्कूल से लेकर कॉलेजों में तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस दिन को खास बनाने के लिए उनके कार्यों की प्रशंसा कर सकते हैं, उनकी सराहना कर सकते हैं। आप इस दिन पर किसी भी महिला को सम्मानित कर सकते हैं। उन्हें कुछ उपहार या कार्ड दे सकते हैं। उनके लिए कुछ शब्द कहकर उन्हें सम्मानित कर सकते हैं एवं उनके कार्य के प्रति सम्मान रख उनकी प्रशंसा कर सकते हैं।

महिलाओं की हर क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए बड़ा बिज़नेस सभी महिलाओं को उनके कार्य की सराहना करता है। बड़ा बिज़नेस अपने महिला कर्मचारियों के साथ हर उस महिला की प्रशंसा करते हैं जिन्होंने किसी ना किसी रूप में अपनी भागीदारी निभाई है। बड़ा बिज़नेस सदैव महिलाओं के प्रति सम्मान रखता है। बड़ा बिज़नेस के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट के इस लिंक https://www.badabusiness.com/ पर क्लिक कर सकते हैं।