कहते हैं ग्राहक भगवान का रूप होता है। किसी भी बिज़नेस की सफलता के लिए सबसे ज़रूरी है एक अच्छा कस्टमर बेस होना। कम्पनियां हमेशा कस्टमर को एक्वायर करने के लिए मार्केटिंग पर करोड़ों रुपये खर्च करती है। इसके उलट अगर कोई नया स्टार्टअप या बिज़नेस शुरू हुआ है, तो उसके लिए कस्टमर एक्विजिशन पर बड़ा अमाउंट खर्च करना पॉसिबल नहीं है।

क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे नया स्टार्टअप या बिजनेस कम खर्च में अधिक ग्राहक पा सके? बिल्कुल! इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे बेहतरीन उपाय साझा कर रहे हैं, जिनसे आप Customer Acquisition Cost (CAC) को प्रभावी तरीके से कम कर सकते हैं।

कंटेंट क्रिएशन:

किसी भी कंपनी के प्रोडक्ट या सर्विस की मार्केटिंग में कंटेंट की अहम भूमिका होती है। अगर आप चाहते हैं कि ग्राहक कम लागत में आपकी ओर आकर्षित हों, तो हाई-क्वालिटी और एंगेजिंग कंटेंट पर फोकस कीजिए।
ब्लॉग, वीडियो, पॉडकास्ट या सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए अपनी ऑडियंस से कनेक्ट करें। सबसे ज़रूरी बात ये है कि आप अपने टारगेट कस्टमर्स की सही पहचान करें और उनकी पसंद-नापसंद के अनुसार कंटेंट बनाएँ। इससे न सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ेगा, बल्कि कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट भी घटेगी।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन :

अंग्रेजी में एक कहावत है "First impression is the last impression"। जब भी कोई इंसान आपकी वेबसाइट या आपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आता है, तो उसे देखकर ही वो आपकी कंपनी से इम्प्रेस होगा। इसलिए ये ज़रूरी है कि आप अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऑप्टिमाइज़ करें। 

जब आप अच्छे से अपनी कंपनी का सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करते हैं, तो आप गूगल सर्च में सबसे पहले आते हैं। जून 2013* में हुई एक स्टडी के अनुसार गूगल पर 91.5% ट्रैफिक पहले पेज से ही आता है और अगर आपकी वेबसाइट पहले पेज पर शो हो रही है तो आप ज्यादा से ज्यादा कस्टमर एक्वायर कर सकते हैं।

रेफरल प्रोग्राम :

आपने कई सारे ऐप ऐसे देखे होंगे, जिनको रेफर करने पर आपको भी कुछ पॉइंट्स मिलते हैं और जॉइन करने वाले को भी। रेफरल प्रोग्राम आपके बिज़नेस को बढ़ाने का एक बहुत अच्छा तरीका है। इसके लिए आप नए कस्टमर्स तक पहुँच बना सकते हैं और पहले से मौजूद कस्टमर्स से भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं।

कॉल टू एक्शन :

आपकी वेबसाइट हो या सोशल मीडिया पोस्ट, सबसे जगह कुछ ना कुछ कॉल टू एक्शन देना चाहिए। यह कॉल टू एक्शन कोई लिंक हो सकती है, किसी नंबर पर कॉल करवाना या कुछ डिस्काउंटेड ऑफर भी हो सकता है। जब पोटेंशियल कस्टमर आपके कॉल टू एक्शन पर क्लिक करता है, तो इसका मतलब है कि वो आपका कस्टमर बनने के लिए तैयार है।

ई - मेल इंगेजमेंट :

आप अपने बिज़नेस के लिए नए कस्टमर्स को एक्वायर करने के लिए ई - मेल मार्केटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आप ई - मेल पर अपने बिज़नेस से रिलेटेड इनफार्मेशन, कंटेंट, कुछ स्पेशल ऑफर्स भेज सकते हैं।

इन तरीकों को अपनाकर कोई भी नया बिज़नेस या स्टार्टअप कम बजट में पोटेंशियल कस्टमर को अपने रियल कस्टमर में बदल सकता है। इसके साथ ही वह अपने कस्टमर्स को लंबे समय तक अपने साथ बनाकर भी रख सकता है।


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