देशभर में बढ़ते प्रदूषण (Air Pollution) को देखते हुए केंद्र सरकार ने Motor Vehicles Act को सख्ती से लागू किया है। अब हर वाहन के लिए PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट अनिवार्य हो गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹10,000 तक जुर्माना लग सकता है।
इस बदलाव के बाद प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Center) का बिज़नेस तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही, बेरोजगारी और कोविड के बाद के हालात में लोग इसे एक बेहतरीन बिजनेस स्टार्टअप ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं।
प्रदूषण जांच केंद्र का बिजनेस कैसे करें शुरू?
जो लोग खुद का बिजनेस खोलने के इच्छुक हैं, वो प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Center) आराम से शुरू कर सकते हैं. आज के समय में प्रदूषण जांच केंद्र बेहतरीन बिजनेस में से एक है, क्योंकि कम लागत में इस बिजनेस को आराम से शुरू किया जा सकता है. प्रदूषण जांच केंद्र के जरिए सभी वाहन चलाने वाले लोग प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC Certificate) बनवा सकते हैं, इससे हमें यह पता चलता है कि किस वाहन से कितना प्रदुषण फैला रहा है, ध्यान रहे कि प्रदूषण सर्टिफिकेट को केवल प्रदूषण जांच केंद्र से ही बनवाया जा सकता है.
Pollution Testing Center के लिए कैसे अप्लाई करें?
- सबसे पहले इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको RTO से लाइसेंस प्राप्त करना होगा.
- परमिशन मिलने के बाद आप अपना प्रदूषण जांच केंद्र को पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के पास खोल सकते हैं.
- आवेदन करने के दौरान आपको 10 रुपए का शपथ-पत्र भी भरकर देना होगा.
- हर राज्य में प्रदूषण जांच केंद्र की अगल-अलग फीस है.
- अगर आप ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते है तो, https://vahan.parivahan.gov.in/puc/ पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं.
ये होगी प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की शर्तें:-
- प्रदूषण जांच केंद्र का पहचान करने के लिए इसे पीले रंग का केबिन बनाया गया है.
- इस केबिन का साइज- लंबाई 2.5 मीटर, चौड़ाई 2 मीटर, ऊंचाई 2 मीटर तय को गई है.
- प्रदूषण केंद्र सेंटर पर लाइसेंस नंबर लिखना अनिवार्य है.
कोई भी नागरिक, फर्म, सोसायटी और ट्रस्ट इसका संचालन कर सकता है.
- PUC केंद्र को शुरू करने के लिए आवेदक को सबसे पहले ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मोटर मैकेनिक्स, ऑटो मैकेनिक्स, स्कूटर मैकेनिक्स, इत्यादि से प्रमाणित सर्टिफिकेट होना जरूरी है.