बिज़नेस में लीड टाइम क्या होता है और इसे कम करके ग्रोथ कैसे बढ़ाएं?
हर बिज़नेस का मुख्य उद्देश्य होता है – रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़ोतरी। इस लक्ष्य को हासिल करने में एक अहम भूमिका निभाता है लीड टाइम (Lead Time)।
लीड टाइम क्या होता है?
लीड टाइम वह समय होता है जो किसी ऑर्डर के प्लेस होने से लेकर उस प्रोडक्ट के ग्राहक तक डिलीवर होने तक लगता है।
साधारण भाषा में:
"Lead Time refers to the time a company takes from the time an order is placed to the time it is delivered to the customer."
यदि किसी बिज़नेस में लीड टाइम ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि प्रोसेस में अक्षमता या संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा है। वहीं यदि आप लीड टाइम को कम कर लेते हैं, तो इससे:
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प्रोडक्टिविटी बढ़ती है
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कस्टमर सैटिस्फेक्शन सुधरता है
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और रेवेन्यू में शानदार ग्रोथ होती है
लीड टाइम को कम करने से पहले जानिए इसके मुख्य कंपोनेंट्स:
🔸 Pre-processing Time
किसी ऑर्डर को प्रोसेस करने की तैयारी में लगने वाला समय।
🔸 Processing Time
वास्तविक प्रोडक्शन या खरीदारी के लिए लगने वाला समय।
🔸 Waiting Time
प्रोडक्शन शुरू होने से पहले इंतज़ार का समय — जैसे कच्चे माल के इंतज़ार में।
🔸 Storage Time
प्रोडक्ट के तैयार होने के बाद गोदाम में रहने का समय, जब तक वह डिलीवर न हो।
🔸 Transportation Time
उत्पाद को गोदाम से ग्राहक तक पहुंचाने में लगने वाला समय।
🔸 Inspection Time
ग्राहक द्वारा प्रोडक्ट की जांच का समय — यह देखने के लिए कि वह सभी मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
लीड टाइम कम करके बिज़नेस ग्रोथ कैसे पाएं?
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ऑटोमेशन और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करें
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सप्लाई चेन को बेहतर बनाएं
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इन्वेंट्री मैनेजमेंट को ऑप्टिमाइज़ करें
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टीम के साथ बेहतर कोऑर्डिनेशन रखें
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प्री-ऑर्डर या बैकऑर्डर सिस्टम को बेहतर बनाएं
अगर आप अपने बिज़नेस में लीड टाइम को प्रभावी ढंग से मैनेज करते हैं, तो आप न सिर्फ समय की बचत करते हैं, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी जीतते हैं — जिससे लंबे समय में ब्रांड ग्रोथ और प्रॉफिट में बड़ा फर्क आता है।
लीड टाइम के अलग अलग कंपोनेंट को जानने के बाद अब जानते हैं उन गलतियों को जिन्हें अक्सर बिज़नेस में हम इग्नोर कर देते हैं। जिन्हें ध्यान में रखकर लीड टाइम को कम किया जा सकता है।
लीड टाइम को कम करने के लिए:
नॉन वेल्यु एक्टिविटीज़ को करें कम
लीड टाइम को कम करने के लिए किसी भी कंपनी को नॉन वेल्यु एक्टिविटीज़ की पहचान करने के लिए वैल्यू स्ट्रीम मैपिंग करन चाहिए जो लीड समय को बढ़ाते हैं। इन गतिविधियों की एक सूची तैयार करें और उन गतिविधियों को समाप्त करें जिनके बिना कंपनी काम कर सकती है, और उन गतिविधियों को बनाए रखें जो प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव प्रदान करती हैं।
शिपिंग के तरीके बदलें
आज बदलते हुए समय में हर क्षेत्र में तकनीक के कारण बदलाव आया है। लेकिन कुछ कंपनियां आप भी पारंपरिक तौर तरीकों को ही अपना रही हैं। जिसके कारण वो इस रेस में पिछड़ जाते हैं। और प्रोडक्ट सही समय तक ग्राहक तक ना पहुंचने के कारण उनका मोह भंग हो जाता है। वहीं आज मार्केट में कई ऐसे तरीके है जिसकी मदद से शिपिंग काफी आसान हो गयी है। आज वो पारंपरिक तरीकों की तुलना में काफी तेज है या लगातार डिलीवरी की पेशकश कर रही हैं। लीड टाइम को कम करने के लिए आपको भी ज़रूरत है कि शिपिंग के तरीकों को बदलते हुए तेजी से डिलीवरी वाले तरीकों को ही अपनाएं।
स्थानीय सोर्स
यदि कंपनी द्वारा आयातित कच्चा माल स्थानीय रूप से उपलब्ध है, तो कंपनी स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को बदल सकती है। लेकिन ध्यान रहे कि इससे उत्पादों की गुणवत्ता से समझौता ना हो। अगर एक जैसी गुणवत्ता वाला माल आपके आस पास ही मौजूद है तो उसे प्राथमिकता देने में ही भलाई है। इसी तरह बड़े स्केल पर देखें तो अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं से सोर्सिंग के विपरीत स्थानीय स्तर पर उत्पाद खरीदना, लीड टाइम को कम करता है क्योंकि माल कम दूरी पर ले जाया जाता है।
आप इन तरीकों की मदद से लीड टाइम को कम कर सकते हैं और बिज़नेस में प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकते हैं। इससे न केवल आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी बल्कि कंपनी की ग्रोथ, रेवेन्यू एवं प्रोफिट में भी बहुत फायदा होगा।
लेख के बारे में आप अपनी टिप्पणी को कमेंट सेक्शन में कमेंट करके दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप अगर एक व्यापारी हैं और अपने व्यापार में कठिन और मुश्किल परेशानियों का सामना कर रहे हैं और चाहते हैं कि स्टार्टअप बिज़नेस को आगे बढ़ाने में आपको एक पर्सनल बिज़नेस कोच का अच्छा मार्गदर्शन मिले तो आपको PSC (Problem Solving Course) का चुनाव ज़रूर करना चाहिए जिससे आप अपने बिज़नेस में एक अच्छी हैंडहोल्डिंग पा सकते हैं और अपने बिज़नेस को चार गुना बढ़ा सकते हैं ।