बात चाहे नई जॉब में अच्छी सैलरी पाने की हो या कस्टमर को अपना प्रोडक्ट बेचने की, क्लाइंट से पैसे लेने हो या अच्छे ऑफर्स पाने हो, हर छोटी बड़ी परिस्थिति में नेगोशिएशन यानी मोलभाव करने की ज़रूरत पड़ती है।

बिना मोलभाव किए आप बाज़ार से सब्जी तक नहीं खरीदते तो अच्छी सैलरी और कस्टमर से डील बिना मोलभाव किए कैसे कर सकते हैं। बिना मोलभाव किए आप अच्छी चीज़ पा ही नहीं सकते।

अपनी Negotiation Skills कैसे निखारें?

आज के इस लेख में हम आपको 5 ऐसे बेहतरीन टिप्स बताएंगे जिनकी मदद से आप अपनी मोलभाव करने की स्किल को और बेहतरीन तरीके से बढ़ा सकते हैं।

  1. कस्टमर से कर सकते हैं बेहतरीन डील:

    मोलभाव एक कला है या फिर कहा जा सकता है कि मोलभाव में आप कीमत को कम या ज्यादा करवा सकते हैं। मोलभाव बेचने वाले और खरीदने वाले दोनों के लिए ही ज़रूरी है। अगर बेचने वाले को मोलभाव नही आता तो वह घाटा खायेगा और अगर खरीदने वाले को मोलभाव नही आता तो उसे भी नुकसान होगा। इसलिए आप किसी भी कस्टमर के साथ अच्छी मोलभाव स्किल के ज़रिए बेहतरीन डील कर सकते हैं। जब आप कस्टमर के साथ अच्छी तरह से मोलभाव करते हैं तो कस्टमर का आपके ऊपर विश्वास बढ़ता है और वो प्रोडक्ट की अच्छी कीमत देने को तैयार हो जाता है।

  2. अच्‍छे से करें रिसर्च:

    मोलभाव केवल कस्टमर के साथ ही नहीं बल्कि नौकरी में और सैलरी बढ़ाने में भी मदद करता है। जब भी आप किसी ऑर्गेनाइजेशन में जॉब इंटरव्‍यू के लिए जाएं तो पहले उस ऑर्गेनाइजेशन के बारे में अच्छी रिसर्च कर लें। इतना ही नहीं आप जिस पोजीशन के लिए वहां इंटरव्‍यू देने जा रहे हैं उस पोजीशन पर कंपनी कितनी सैलरी ऑफर कर रही है इस बारे में भी पहले से जान लें। इससे आप अच्छी तरह से नेगोशिएशन कर पाएंगे। यही नहीं आप जिस प्रोफाइल के लिए जॉब इंटरव्‍यू देने जा रहे हैं, उस प्रोफाइल पर दूसरी कंपनी कितनी सैलरी दे रही है, इस बारे में भी जानकारी हासिल कर लें। इससे आपको नेगोशिएशन में बहुत फायदा मिलेगा।

  3. तुरंत न कहें हां:

    अच्छा नेगोशिएशन करने के लिए ज़रूरी है कि आप पहले ही हां न कहें। चाहे आपको कोई प्रोडक्ट बेचना या खरीदना हो या फिर अच्छी सैलरी का ऑफर लेटर हो। आपको तुंरत हां नहीं कहना चाहिए। सभी चीज़ों की जांच-पड़ताल करनी चाहिए। सैलरी का मोलभाव करते समय आपको यह देखना चाहिए है कि आपकी सीटीसी को कंपनी की एचआर ने कितने हिस्‍सों में ब्रेक किया है। दरअसल एचआर सैलरी से ही मैडिकल, पीएफ, आरए और दूसरे डिडक्‍शन करती है। इस‍लिए केवल सीटीसी देखकर खुश न हों बल्कि ग्रॉस इनकम देखें। प्रोडक्ट को बेचते समय यह देखें कि ग्राहक उसे कितने रूपये में खरीदने को तैयार है। आप इन सभी चीज़ों की छानबीन कर लें और फिर निर्णय लें।

  4. बातचीत ज़रूर करें:

    अच्छा नेगोशिएशन तभी होता है जब आप उस पर सही ढंग से चर्चा करते हैं। डिस्कशन के दौरान दोनों या फिर अधिक वर्गों के लोग अपनी-अपनी राय रखते हैं। अगर आप एक सेलर हो तो प्रोडक्ट के बारे में आपको अधिक से अधिक क्वालिटीज को बताना होगा और उसकी कीमत क्यों वाजिब है यह साबित करना होगा। अगर आप एक ग्राहक हो या प्रोडक्ट खरीद रहे हो तो आप को यह साबित करना होगा कि आपके द्वारा लगाई जा रही कीमत क्यों सही है। दोनों ही पक्ष को एक दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। इस डिस्कशन से ग्राहक और सेलर दोनों को फायदा होगा। इसलिए नेगोशिएशन में डिस्कशन ज़रूर करें।

  5. पहले अपने डर को दूर करें:

    ज्यादातर लोग बातचीत करने में डरते हैं। यही कारण है कि वो सही से नेगोशिएशन नहीं कर पाते। नेगोशिएशन बेहतरीन करने के लिए ज़्यादा ज़रूरी है कि आप अपने डर को दूर करें और खुलकर अपनी बात रखें। आपको जो भी सही लगे उसे कहें। बिना हिचकिचाए आप अपनी बात को प्रस्तुत करें। इससे सामने वाला भी आपके निर्णय को समझ पाता है और आप बेहतरीन मार्जन पर नेगोशिएशन कर पाते हैं। यही नहीं नेगोशिएशन करते समय आप अपनी बॉडी लैंग्वेज को भी सही रखें। इससे सामने वाले के ऊपर आपका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप बात करते समय आई कॉन्टेक्ट बनाकर रखें। आँख से संपर्क करने से आपको दूसरे व्यक्ति की शारीरिक भाषा और इशारों का विश्लेषण करने में भी मदद मिलती है और आपके मन से डर भी दूर होता है।

यह 5 टिप्स आपको अच्छा नेगोशिएशन करने में मदद करेंगी। इनके ज़रिए आप अपनी स्किल को सुधार सकते हैं और आप अच्छी ग्रोथ पा सकते हैं।


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