आज कई युवा अपना स्टार्टअप करना चाहते हैं, लेकिन कई बार वे स्टार्टअप के प्रति समर्पित नहीं रहते और असफल हो जाते हैं। लेकिन यदि आपके पास अच्छा बिज़नेस आईडिया हो और आप उसके लिए समर्पित हों, तो आप सफल हो सकते हैं, इसकी मिसाल है "समोसा सिंह" के फाउंडर्स शिखर वीर सिंह और निधि सिंह, जिन्होंने अपनी अच्छी खासी सैलरी वाली नौकरियां छोड़कर खुद के आईडिया समोसा सिंह के लिए काम किया।

समोसा सिंह को शुरू करने में और फिर उसे आगे बढ़ाने में दोनों को तकलीफों का सामना करना पड़ा, यहाँ तक कि अपना फ्लैट भी बेचना पड़ा, लेकिन वे अपने आईडिया पर और अपने बिज़नेस पर डटे रहे। आज जानिये कैसे शिखर वीर सिंह और निधि सिंह ने समोसा बेचने के एक आईडिया को कैसे एक ब्रांड "समोसा सिंह" में बदल दिया -

कौन हैं समोसा सिंह के फाउंडर

नाम: समोसा सिंह
कब: फरवरी 2016, बेंगलुरु
फाउंडर्स: शिखर वीर सिंह और निधि सिंह
वर्तमान स्थिति: 45 करोड़ टर्नओवर सालाना

 

समोसा सिंह के फाउंडर शिखर वीर सिंह और निधि सिंह हैं। निधि और शिखर की पहली मुलाकात कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीटेक के दौरान हुई। निधि के पिता एक वकील हैं, वहीं शिखर के पिता का चंडीगढ़ में ज्वेलरी शोरूम है। बीटेक करने के बाद शिखर ने हैदराबाद के जीवन विज्ञान संस्थान से एमटेक किया और बायोकोन में मुख्य वैज्ञानिक के रूप में जॉब की। निधि ने भी गुरुग्राम में एक फार्मा कंपनी जॉइन की।

ऐसे हुई समोसा सिंह की शुरुआत :

एमटेक के दौरान शिखर को समोसे का बिज़नेस करने का आईडिया आया, लेकिन निधि ने इस आईडिया को मजाक में टाल दिया। एक बार निधि ने किसी फ़ूड कोर्ट में एक बच्चे को समोसे के लिए रोते देखा, तब उन्हें शिखर के आईडिया में दम लगा। 2015 में दोनों ने अपनी अच्छे पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी और समोसे का बिज़नेस करने के आईडिया पर काम करने लगे।

समोसा सिंह का पहला आउटलेट :

आईडिया पर काम करते हुए उन्हें लगभग 1 साल का समय लगा और फिर फरवरी 2016 में समोसा सिंह का पहला आउटलेट लांच हुआ। उन्होंने इस आउटलेट को शुरू कर दिया, लेकिन जल्द ही उन्हें खुद के किचन की ज़रूरत महसूस हुई, लेकिन अब उनके पास उनकी सेविंग्स नहीं बची थी। तब उन्हें रेंट पर किचन लेने के लिए अपना 85 लाख रुपये का फ्लैट बेचना पड़ा। लेकिन शिखर और निधि को इसका कोई दुःख नहीं था, क्योंकि उनका यह फैसला जल्द ही रंग लाने वाला था।

आज समोसा सिंह की स्थिति :

एक समय था, जब शिखर और निधि को समोसा सिंह के लिए अपना फ्लैट बेचना पड़ा था। आज वही समोसा सिंह दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। आज बेंगलुरु के अपने किचन में वे हर महीने 30 हजार से ज्यादा समोसे बनाते हैं। आज उनका समोसा बहुराष्ट्रीय कम्पनियों, एयरलाइन्स और मल्टीप्लेक्स में खाया जाता है। इसके अलावा आज उनके पास 8 अन्य शहरों में 50 क्लाउड किचन हैं और उनका सालाना टर्नओवर 45 करोड़ से ज्यादा का है।

आज शिखर और निधि ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके बिज़नेस आईडिया में दम है और आप उसके लिए पूरी तरह समर्पित हैं, तो आप अच्छा ख़ासा मुकाम हासिल कर सकते हैं।


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