बंगाल में शुरू हुआ पानी से Oxygen बनाने के Device का Startup

बंगाल में शुरू हुआ पानी से Oxygen बनाने के Device का Startup

आज देश में स्टार्टअप बिज़नेस आए दिन नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं । नए-नए स्टार्टअप नए आइडिया को जन्म दे रहे हैं। लोगों में आत्मनिर्भर बनने और कुछ नया करने की चाह उत्पन्न हो रही है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में एक स्टार्टअप ने ऐसा उपकरण विकसित किया है जो बटन दबाते ही पानी से ऑक्सीजन उत्पन्न कर देता है। प्रौद्योगिकी के संस्थापकों का कहना है कि सोलेयर इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा डेवेलोप डिवाइस ओएम रेडॉक्स (OM-Redox) यहां वेबेल-बीसीसी एंड आई टेक इंक्यूबेशन सेंटर में लगाया गया है जो पानी से शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है। इस आविष्कार से एक स्विच के दबाते ही पानी से ऑक्सीजन बननी शुरू हो जाती है । आज यह स्टार्टअप भारत को आधुनिकरण की ओर ले जा रहा है।  इस स्टार्टअप (Startup) के को-फाउंडर, डॉ सौम्यजीत रॉय और डॉ पेई लियांग के अनुसार, मशीन ऑक्सीजन पैदा करती है जो एक कंसंट्रेटर की तुलना में 3.5 गुना अधिक शुद्ध होती है। इस डिवाइस का वजन 8 किलो है और यह बिजली से चलता है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पश्चिम बंगाल इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग विकास निगम लिमिटेड (WEBEL) की प्रबंध निदेशक (Managing director) सुनरिता हाजरा का मानना है कि, ‘‘हम ऑक्सीजन पैदा करने वाले डिवाइसिस को बनाने और उनके मार्केटिंग प्रपोजल के लिए सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं। हम टेक्नोलॉजी के बारे में पॉजिटिव हैं। स्टार्टअप ने जो प्रगति की है, उसे देखते हुए अगले तीन महीनों में उपकरण के कमर्सियलाइजेशन की उम्मीद है।’’ यह वाकई में एक गर्व की बात है कि भारतीय स्टार्टअप आज अपने बलबूते पर सफलता की नई इमारते खड़ी कर रहे हैं। पानी से ऑक्सीजीन बनाने का यह डिवाइस इतना सफल है कि यह सिर्फ एक स्विच दबाकर पानी से ऑक्सीजन पैदा कर सकता है। ओएम रेडॉक्स', सोलायर इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित उपकरण, जिसे यहां वेबेल-बीसीसी एंड आई टेक इनक्यूबेशन सेंटर में लगाया गया है, पानी से बनी शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है।

कैसे काम करता है यह उपकरण

प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन की तरह यह डिवाइस ऑक्सीजन बनाने का काम करता है। जबकि विज्ञान और तकनीक के सहारे हवा से ऑक्सीजन उत्पन्न होती है। डा रॉय का कहना है कि इस खास तकनीक को पेटेंट कर लिया गया है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूरोपीय अनुरूपता से मान्यता प्राप्त है। डॉ सौम्यजीत रॉय और डॉ पेई लियांग ने दावा किया कि इस डिवाइस के लाइसेंस, मैनुफेक्जुरिंग और मार्केटिंग के लिए अलग-अलग संगठनों के साथ बात कर रहे हैं। इस स्टार्टअप ने जो प्रगति की है, उसे देखते हुए अगले तीन महीनों में डिवाइस के कमर्सियलाजेशन की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कोलकाता में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के प्रोफेसर डॉ. रॉय का कहना है कि उनके इनोवेशन को न्यूमेटिकली कपल्ड वॉटर ऑक्सीडेशन कहा जाता है। इसमें पानी से ऑक्‍सीजन का उत्पादन होता है। यह डिवाइस उन प्रोडक्‍ट्स में से भी एक थी जिसे केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आजादी के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में जारी एक पुस्तक में फीचर किया था। यह डिवाइस एक सफेद पाइनवुड बॉक्स जैसी है, जिसका वजन 8 किलोग्राम है। सिर्फ एक स्विच दबाने पर यह पानी से ऑक्‍सीजन पैदा करने लगती है। यह बिजली से चलती है साथ ही 3.5 घंटे का बैटरी बैकअप भी दे सकती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो यह स्टार्टअप आइडिया भारत को प्रगति की नई दिशा में ले जाने का काम कर सकता है। भारत के नज़रिए से यह एक अच्छा स्टार्टअप आइडिया है। यदि सच में यह उपकरण एक क्लिक पर पानी से ऑक्सीजन बना सकता है तो इसका सकारात्मक प्रभाव पर्यावरण पर भी पड़ेगा। जिससे आने वाले समय में ऑक्सीजन की कमी की पूर्ति की जा सकेगी।

लेख के बारे में आप अपनी टिप्पणी को कमेंट सेक्शन में कमेंट करके दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप अगर एक व्यापारी हैं और अपने व्यापार में कठिन और मुश्किल परेशानियों का सामना कर रहे हैं या चाहते हैं कि इस तरह स्टार्टअप बिज़नेस को आगे बढ़ाने में आपको एक पर्सनल बिज़नेस कोच का अच्छा मार्गदर्शन मिले तो आपको PSC (Problem Solving Course)  का चुनाव जरूर करना चाहिए जिससे आप अपने बिज़नेस में एक अच्छी हैंडहोल्डिंग पा सकते हैं और अपने बिज़नेस को चार गुना बढ़ा सकते हैं ।

Share Now
Share Now