खादी का ई-मार्केट पोर्टल हुआ हिट, ‘गो वोकल फॉर लोकल’ हुए भारतीय

खादी का ई-मार्केट पोर्टल

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बावजूद खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) का खादी का ई-मार्केट पोर्टल बहुत लोकप्रिय हुआ है. केवीआईसी के ऑनलाइन विपणन खंड में प्रवेश ने बड़ी तेजी से भारतीयों तक पहुंच बनाई है. केवीआईसी ई-पोर्टल www.kviconline.gov.in/khadimask से कारीगर देश के दूर से दूर स्थित भागों में अपने उत्‍पाद बेच रहे है. यह ऑनलाइन बिक्री इस वर्ष 7 जुलाई को केवल खादी के फेस मास्‍क बनाने के साथ शुरू हुई थी लेकिन अब जल्‍दी ही पूरी तरह से एक विकसित ई-मा‍र्केट प्लेटफॉर्म बन गई है. आज इस पर 180 उत्‍पाद मौजूद हैं और बहुत से उत्‍पाद इसमें शामिल होने की प्रक्रिया में हैं.

केवीआईसी के अनुसार उत्‍पादों की रेंज में हाथ से कते और हाथ से बुने महीन कपड़े जैसे मलमल, सिल्‍क, डेनिम और कॉटन, रितु बेरी के यूनिसेक्‍स विचार वस्‍त्र, खादी की सिग्‍नेचर कलाई घड़ी, अनेक प्रकार के शहद, हर्बल और ग्रीन टी, हर्बल दवाइयां और साबुन, पापड़, कच्‍ची घानी सरसों का तेल एवं अन्‍य पदार्थों के साथ विविध प्रकार के हर्बल सौंदर्य प्रसाधन भी शामिल हैं.

केवीआईसी रोजाना अपनी ऑनलाइन माल सूची में कम-से-कम 10 नए उत्‍पाद जोड़ रहा है और इसने इस वर्ष 2 अक्‍टूबर तक कम-से-कम 1000 उत्‍पादों को जोड़ने का लक्ष्‍य निर्धारित कर रखा है. दो महीने से भी कम समय में केवीआईसी ने लगभग 4000 ग्राहकों को अपनी सेवा उपलब्‍ध कराई है.

केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि खादी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री "स्वदेशी" मुहिम को गति प्रदान करने वाली है और इसका उद्देश्‍य स्‍थानीय कारीगरों को सशक्‍त बनाना है. खादी का ई-मार्केट पोर्टल हमारे कारीगरों को अपने उत्‍पाद बेचने के लिए अतिरिक्‍त मंच उपलब्‍ध करा रहा है. यह ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ का निर्माण करने की दिशा में एक मजबूत कदम है.

सक्‍सेना ने कहा कि सभी वर्गों के खरीददारों की पसंद और सामर्थ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए उत्‍पादों की श्रेणी 50 रुपये से 5 हजार रुपये तक है. खादी संस्‍थानों के उत्‍पाद इससे पूर्व उनके आउटलेट के माध्‍यम से बेचे जाते थे इसलिए उनकी दृश्‍यता केवल कुछ राज्‍यों तक ही सीमित रहती थी. हालांकि, केवीआईसी ई-पोर्टल के माध्‍यम से अब उत्‍पाद देश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे खादी संस्‍थानों को व्‍यापक विपणन परिदृश्‍य प्राप्‍त हो रहा है इससे इनका उत्‍पादन बढ़ेगा और कारीगरों की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

ग्राहकों ने भी खादी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के बारे में बहुत संतोष जाहिर किया है. केवीआईसी ने माल की मुफ्त डिलीवरी के लिए न्यूनतम आदेश 599 रुपये निर्धारित किया है. केवीआईसी ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से वस्‍तुओं की खेप की आपूर्ति के लिए डाक विभाग के साथ एक अनुबंध किया है. केवीआईसी को 31 राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों से ऑनलाइन आर्डर मिले रहे है.

केवीआईसी की ऑनलाइन माल सूची में पुरुषों के लिए सिले-सिलाए मोदी कुर्ता और  मोदी जैकेट और महिलाओं के लिए पलाजो और सीधे ट्राउजर्स शामिल हैं. अन्‍य अनेक उत्‍पाद जैसे खादी रुमाल, मसाले, हर्बल नीम, लकड़ी की कंघी, शैम्पू, सौंदर्य प्रसाधन, गाय का गोबर और गोमूत्र साबुन, योग पोशाक और अनेक प्रकार की रेडी-टू-ईट खाने की वस्‍तुओं को भी अभी तक इसमें शामिल किया गया है.

Share Now

Related Articles

खादी आयोग का रिकॉर्ड प्रदर्शन बहुत महत्व रखता है MSME

खादी का ई-मार्केट पोर्टल हुआ हिट, ‘गो वोकल फॉर लोकल’ हुए भारतीय

छोटे निवेश वाली यह सरकारी स्कीम आपके भविष्य को बना सकती है चमकदार

Khadi Prakritik Paint: गाय के गोबर से ‘खादी प्राकृतिक पेंट’ बनाने वाली पहली यूनिट शुरू

New Business Ideas: गाय के गोबर से पेंट और डिस्टैंपर बनाकर कमाएं लाखों रुपये, ऐसे करें अष्टगुणी पेंट बनाने की शुरुआत

नया Business शुरू करने से पहले जान लें ये 10 बातें, मार्केट में दिलाएगी अचूक सफलता

जियोमार्ट कि सफलता से प्रभावित होकर सिल्वर लेक रिलायंस रिटेल में करेगा 7500 करोड़ रुपये का निवेश

Success Story: स्कूल ड्रॉपआउट और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले शख्स ने शुरू किया अपना काम

Share Now