Success Story : ऐसे बनी 17,000 करोड़ की कल्याण ज्वेलर्स कंपनी

kalyanaraman Success Story in Hindi.

कहा जाता है – "जहां चाह, वहां राह।" अगर इंसान के अंदर कुछ बड़ा करने का जुनून हो, तो वह शून्य से शुरू होकर भी सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

आज हम आपको एक ऐसी प्रेरणादायक सफलता की कहानी बता रहे हैं, जो इस कहावत को बिल्कुल सही साबित करती है।

यह कहानी है कल्याणरमन की, जो एक कारोबारी परिवार से थे, लेकिन पारंपरिक पारिवारिक व्यापार से अलग हटकर कुछ बड़ा करने का सपना देखते थे — और उन्होंने अपने हौसले के दम पर कल्याण ज्वेलर्स जैसी बड़ी कंपनी खड़ी कर दी।

यही कारण है कि उन्होंने लोन लेकर खुद की पहली ज्वेलरी शॉप ओपन की। आज वही एक ज्वेलरी का ब्रांड बन चुका है और अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत उनके साथ जुड़ी है।

जानिए लोन लेकर 17 हजार करोड़ रुपये का कल्याण ज्वेलर्स ब्रांड बनाने वाले टीएस कल्याणरमन की सफलता की कहानी –

जन्म: 23 अप्रैल 1947, त्रिशूर, केरल
पिता: टीआर सीतारम्मैया
शिक्षा: श्री केरल वर्मा कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन
पद: कल्याण ज्वेलर्स के संस्थापक, चेयरमैन और एमडी
वर्तमान स्थिति: 17 हजार करोड़ की कंपनी

कौन है टीएस कल्याणरमन?

कल्याणरमन का जन्म 23 अप्रैल, 1947 को केरल के त्रिशूर में हुआ था। उनके पिता टीआर सीतारम्मैया कपड़े के व्यापारी थे। दरअसल कल्याणरमन के दादा एक पुजारी थे, लेकिन बाद में वो उद्यमी बने। कल्याणरमन 12 साल की उम्र से ही अपने पिता के साथ उनकी दुकान में मदद किया करते थे। वहीं उन्होंने बिज़नेस की बारीकियां सीखीं थीं। अपना ग्रेजुएशन करने के लिए उन्होंने केरल के श्री केरल वर्मा कॉलेज में दाखिला लिया और कॉमर्स में अपना ग्रेजुएशन किया।

कैसे हुई कल्याण ज्वेलर्स की शुरुआत

कल्याण समूह की शुरुआत कल्याणरमन के दादा टीएस कल्याणरमन अय्यर ने 1909 में की थी। बाद में कल्याण समूह की बागडोर कल्याणरमन के पिता सीतारम्मैया को मिली। सीतारम्मैया के 5 बेटे थे। 1991 में उन्होंने कल्याण समूह को अपने 5 बेटों में बाँट दिया। कल्याण समूह से जुड़े अन्य ब्रांड हैं - कल्याण सिल्क्स, कल्याण डेवलपर्स, कल्याण साड़ी और कल्याण कलेक्शन। कल्याणरमन कल्याण ज्वेलर्स के अलावा कल्याण डेवलपर्स के भी चेयरमैन हैं।

लोन लेकर की कल्याण ज्वेलर्स की शुरुआत

कल्याणरमन को अपने पारिवारिक कारोबार में कोई रूचि नहीं थी। उन्होंने कुछ समय तक कहीं और काम किया और 25 लाख रुपये जमा किये। यह रकम ज्वेलरी शॉप शुरू करने के लिए काफी नहीं थी, इसलिए उन्होंने बैंकों से 50 लाख रुपये का लोन लिया। अब उनके पास कुल 75 लाख रुपये जमा हो गए थे। इस रकम के साथ उन्होंने त्रिशूर में एक ज्वेलरी शॉप शुरू की और उसका नाम रखा कल्याण ज्वेलर्स।

लोन लेकर शुरू हुई कल्याण ज्वेलर्स आज एक बहुत बड़ा ब्रांड बन चुका है। यहां तक कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन इसके ब्रांड एम्बेसडर हैं। आज कल्याण ज्वेलर्स के 150 से ज्यादा शोरूम हैं, जिसमें से 30 शोरूम UAE, कतर, कुवैत और ओमान में भी हैं। 2023 की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कल्याणरमन की संपत्ति 16 हजार 2 सौ करोड़ रुपये हो चुकी है, वहीं कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 17 हजार करोड़ रुपये का हो गया है।

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