नई दिल्ली: धीरे-धीरे ही सही लेकिन उद्योग-धंधों पर से कोरोना वायरस के काले बादल छटने शुरू हो गये है. मार्केट पर नजर डाले तो पोल्ट्री इंडस्ट्री में भी रिकवरी शुरू हो चुकी है. चिकन और अंडे की मांग बढ़ गयी है. और आने वाले समय में मांग में और भी जादा तेजी आने की पूरी संभावना है. ऐसे में अगर आप पोल्ट्री इंडस्ट्री से जुड़ने का मन बना चुके है, लेकिन कोविड-19 संकट के कारण डर रहे है तो आप गलत है. दरअसल पोल्ट्री इंडस्ट्री में कदम रखने का सही वक्त हो गया है.

लॉकडाउन के बाद होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबा व अन्य खाने-पीने की चीजों से जुड़ी दुकानों के खुलने से चिकन और अंडे की मांग तेजी से बढ़ी है. परिणामस्वरूप पोल्ट्री इंडस्ट्री का कारोबार भी तेजी से पटरी पर लौटने लगा है. जबकि नवरात्र के कह्तं होने के बाद से चिकन और अंडे की डिमांड और भी जादा बढ़ गयी, जिससे इनकी कीमतों में भी इजाफा हुआ है. इसका फायदा उन किसानों को भी पहुंच रहा है, जो पोल्ट्री फीड के तौर पर मक्का और सोयाबीन सप्लाई करते है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ महीने पहले देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके में चिकन 130-140 रुपये किलो मिल रहा था वहां अब 250 रुपये प्रति किलो हो गया है. कुछ ऐसा ही हाल अंडो का भी है, अंडे के दाम में बड़ी बढ़ोतरी हुयी है. पोल्ट्री फार्म संचालकों को अब एक चिकन के लिए 90 रुपये तक का दाम मिलने लगा है और अंडे भी 500 रुपये प्रति सैकड़ा के ऊपर के भाव बिकने लगे हैं. हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों में चिकन और अंडे के दाम मांग के हिसाब से अलग है.

चिकन और अंडा कारोबारियों का दावा है कि नवंबर महीने में चिकन और अंडे दोनों की खपत और बढ़ जाएगी. हालांकि कोरोना वायरस से जुड़े तमाम अफवाहों ने पोल्ट्री इंडस्ट्री को बहुत नुकसान पहुंचाया है. इसलिए इस इंडस्ट्री को पूरी तरह से पटरी पर लौटने में थोड़ा वक्त लगने की उम्मीद है.